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पारदर्शिता और ऑनलाइन सिस्टम से मजबूत होगा हाथकरघा तंत्र : वार्षिक आमसभा में अहम फैसले

  रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट ध्वनि मत से  पारित क...

 


रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट ध्वनि मत से  पारित किया गया। बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों से प्राप्त मांग- आदेशों में लगातार आ रही कमी पर गंभीर चिंता जताई गई और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

आमसभा का आयोजन संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन की अध्यक्षता में वीआईपी चौक, रायपुर स्थित एक निजी होटल में हुआ। बैठक में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और कांकेर जिलों से 96 प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में वर्ष 2024-25 के वित्तीय प्रतिवेदन और वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक के वास्तविक आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पारित करते हुए संघ की गतिविधियों के विस्तार पर सहमति बनी।

आमसभा में विभागों से मिल रहे मांग आदेशों में कमी को संघ के लिए चुनौती बताया गया। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास कर शासकीय विभागों से अधिक से अधिक मांग आदेश प्राप्त किए जाएं।

साथ ही, वस्त्र उत्पादन नहीं करने वाली निष्क्रिय अथवा अकार्यशील प्राथमिक बुनकर समितियों की सदस्यता समाप्त करने, बुनाई मजदूरी में वृद्धि तथा समितियों के सेवा प्रभार में बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई।

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इससे सभी विभाग हाथकरघा संघ में उपलब्ध वस्त्र स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों द्वारा निर्मित कोसा और कॉटन वस्त्रों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा। इसके लिए निफ्ट डिज़ाइनरों की सेवाएं ली जा रही हैं और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया जा रहा है। इससे हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।

संघ द्वारा कोसा और कॉटन वस्त्रों के प्रचार-प्रसार के लिए बस्तर संभाग के जगदलपुर में शोरूम प्रारंभ किया जा चुका है। इसके अलावा अम्बिकापुर, रायगढ़, बिलासपुर, बालोद, डोंगरगढ़ और चन्द्रपुर में शोरूम खोलने की तैयारी है। राज्य के बाहर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों में भी ‘बिलासा’ शोरूम प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि बुनकरों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार, वरिष्ठ बुनकर सम्मान और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए  मुख्यमंत्री जी से समय लिया जाएगा।

राज्य बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में लिए गए निर्णय के संबंध में ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार हाथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोसा एवं कॉटन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विपणन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय बढ़ाकर मांग आदेशों में वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा बुनकरों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

आमसभा में संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल देवांगन, वित्त विभाग के दिवाकर राठौर, सहकारिता विभाग के उमेश तिवारी, ग्रामोद्योग विभाग के अमृत यादव, संयुक्त संचालक हाथकरघा ए. अयाज़ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभागीय योजनाओं की जानकारी सचिव एम.एम. जोशी ने दी। आभार प्रदर्शन लेखाधिकारी विलास कुमार झाड़े ने किया तथा संचालन गोविन्द देवांगन ने किया।


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