Page Nav

HIDE

Gradient Skin

Gradient_Skin

Pages

बड़ी ख़बर

latest

रवि किशन और हेमा मालिनी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ को बताया ऐतिहासिक, कहा- ‘बच्चों की इतनी परवाह कोई नेता नहीं करता’

  नई दिल्ली। बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों को ...

 


नई दिल्ली। बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों को अहम जानकारियां दी। पीएम मोदी ने छात्रों को बेशकीमती मंत्र दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने हिसाब से पढ़ाई करें, वही पैटर्न आजमाएं, जो उन्हें समझने में मदद करता है। सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपने तरीके से चलें।

इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी। इस कड़ी में भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन और अभिनेत्री हेमा मालिनी का बयान सामने आया।

भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और वर्तमान में भाजपा सांसद रवि किशन ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ को एक ऐतिहासिक कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा, “मैंने किसी भी देश के किसी नेता को बच्चों की इतनी परवाह करते हुए नहीं देखा। पीएम मोदी अपने देश के बच्चों को लेकर संवेदनशील हैं, और वे बच्चों को आने वाले कल के लिए तैयार कर रहे हैं।”

रवि किशन ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की बातों को सुनकर हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है।”

वहीं, भाजपा सांसद और जानी-मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा’ को बेहद प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा, ”इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को पूरा हौसला दिया। यह दृश्य बहुत खास था कि एक प्रधानमंत्री बच्चों के सामने एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने सरल शब्दों में बच्चों को सीख दी।”

दरअसल, ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत साल 2018 में की गई थी। इसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के मन में पैदा होने वाले तनाव और डर को कम करना है।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे संवाद करते हैं। वे परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन, मानसिक दबाव, असफलता से निपटने और जीवन में संतुलन बनाए रखने जैसे विषयों पर खुलकर बात करते हैं।

हर साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ में देशभर से छात्र भाग लेते हैं और अपने सवाल प्रधानमंत्री के सामने रखते हैं। पीएम मोदी अपने निजी जीवन के अनुभवों के जरिए बच्चों को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि डर से नहीं, आत्मविश्वास और मेहनत से आगे बढ़ा जा सकता है।


No comments