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बेंगलुरु आगमन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भव्य स्वागत, कई कार्यक्रमों में शिरकत

  नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को वायु सेना के विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे। वे तुमकुर के सिद्धगंगा मठ में दासोही  शिवकु...

 


नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को वायु सेना के विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे। वे तुमकुर के सिद्धगंगा मठ में दासोही  शिवकुमार स्वामीजी के स्मृति कार्यक्रम और बेंगलुरु स्थित सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में भाग लेंगे।

बेंगलुरु के एचएएल हवाई अड्डे पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया।

इसके बाद उपराष्ट्रपति एचएएल हवाई अड्डे से विशेष हेलीकॉप्टर द्वारा तुमकुरु के लिए रवाना हुए, जहां वे सिद्धगंगा मठ में दासोही शिवकुमार महास्वामीजी के 7वें स्मृति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव, सरकार की मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, कर्नाटक पुलिस महानिदेशक एमए सलीम, बेंगलुरु शहर पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह, बेंगलुरु शहर जिला मजिस्ट्रेट जी. जगदीश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बेंगलुरु के एनएएल एयरपोर्ट पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत, रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

बेंगलुरु प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सिल्वर जुबली समारोह में भी भाग लेंगे।

इससे पहले मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम के कस्तूरबा संग्रहालय का दौरा किया था। उन्होंने इस अनुभव को भावपूर्ण बताते हुए कहा था कि महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के जीवन की सादगी त्याग, विनम्रता और अटूट संकल्प के मूल्यों को दर्शाती है।

उपराष्ट्रपति ने गांधी आश्रम परिसर में हरिजन सेवक संघ का भी दौरा किया और महादेव देसाई पुस्तकालय विस्तार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल भौतिक विस्तार नहीं, बल्कि इस विश्वास की पुनः पुष्टि है कि ज्ञान ही समाज में स्थायी बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम है।


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