नई दिल्ली। वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की आवश...
नई दिल्ली। वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। विशेष रूप से इन क्षेत्रों को समर्पित, इस सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए नई गति प्रदान करना है। सम्मेलन के मुख्य क्षेत्रों में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, पर्यटन और संस्कृति शामिल हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन इस सम्मेलन के लिए भागीदार देश होंगे।
इसी के तहत पीएम मोदी 11 जनवरी को राजकोट का दौरा करेंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे, वह सम्मेलन में ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 2:00 बजे, पीएम राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। वह इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीआईडीसी) एस्टेट के विकास की घोषणा करेंगे और राजकोट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन करेंगे।
वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल की पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, पूरे राज्य में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर गुजरात क्षेत्र के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस का पहला संस्करण 9-10 अक्टूबर 2025 को मेहसाणा में आयोजित किया गया था। वर्तमान संस्करण कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिण गुजरात (9-10 अप्रैल 2026) और मध्य गुजरात (10-11 जून 2026) क्षेत्रों के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस क्रमशः सूरत और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।
पीएम के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता और विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इन रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाना है। वाइब्रेंट गुजरात मंच को सीधे क्षेत्रों (रीजन) तक ले जाकर, यह पहल विकेंद्रीकृत विकास, व्यापार करने में सुगमता, इनोवेशन-आधारित विकास और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने पर प्रधानमंत्री के जोर को भी दर्शाती है।
ये रीजनल कॉन्फ्रेंस न केवल क्षेत्रीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और नई पहलों की घोषणा करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करेंगे, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाकर, नवाचार को बढ़ावा देकर और राज्य के हर हिस्से में रणनीतिक निवेश को सुगम बनाकर गुजरात की विकास गाथा को मिलकर लिखने के साधन के रूप में भी काम करेंगे। इन रीजनल कॉन्फ्रेंस की उपलब्धियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अगले संस्करण के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।

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