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रेडी टू ईट पर विधानसभा में हंगामा : विपक्ष ने कहा-इसकी सप्लाई में माफिया घुस गए हैं, जांच की मांग पर हंगामा

  रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्राें पर रेडी टू ईट फूड की आपूर्ति पर हंगामा हो गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि रेडी टू...

 


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को आंगनबाड़ी केंद्राें पर रेडी टू ईट फूड की आपूर्ति पर हंगामा हो गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि रेडी टू ईट की सप्लाई में भी अब माफिया घुस गए हैं। इस पर सदन में हंगामा हो गया। भाजपा विधायकों ने पूरे मामले की जांच की मांग की।


मानसून सत्र के चौथे दिन भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने रेडी टू ईट का मामला उठाया। उन्होंने कहा, आंगनबाड़ी केंद्रों में अप्रैल महीने में रेडी टू ईट की सप्लाई नहीं हुई। जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा, महिला स्व-सहायता समूह की हाईकोर्ट में लगी याचिका की वजह से सप्लाई नहीं हो सकी। विधायक सौरभ सिंह ने पूछा- हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि जिन-जिन समूहों का अनुबंध खत्म नहीं हुआ है उनकी सप्लाई जारी रहेगी। इसके बाद विपक्ष आक्रामक हो गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, रेडी टू ईट फूड की सप्लाई में भी अब माफिया घुस गए हैं। विपक्ष ने इस पूरे मामले की विधानसभा की कमेटी से जांच की मांग की। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, अगर जांच की आवश्यकता होगी आगे निर्णय लिया जाएगा।

कृषि अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला

भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू, एसीबी, विभागीय जांच या अन्य जांच को लेकर सवाल पूछा। जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया, ईओडब्ल्यू में चार, विभागीय जांच में 12 और लोक आयोग के 10 मामलों की जांच चल रही है। विधायक बांधी ने पूछा, जांच की अधिकतम सीमा एक वर्ष है। कितने मामलों की जांच इससे ज्यादा वक्त से लम्बित है। कृषि मंत्री ने बताया, अधिकतर मामले 2018 से पहले के हैं। विभाग ने 25 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो-दो वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की है।

कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के केकराभाट और कबारीपाली के घटोई डैम में प्रभावित व्यक्तियों के मुआवजा का मामला उठाया। जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया, चंद्रपुर विधानसभा के केकराभाट और कबारी पाली के घटोई डैम में प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा राशि नहीं दी गई है। अभी 6 किसानों का मुआवजा बाकी है। मंत्री का कहना था, मुआवजा एक जटिल प्रक्रिया है और अभी इसकी प्रकिया जारी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास मंहत ने इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने 40 साल पुराने मामले में प्रभावितों को मुआवजा दिलवाने का निर्देश दिया।

गोबर और खाद से जुड़े सवाल भी उठे

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धरमजीत सिंह ने गौठान, गोबर खरीदी और वर्मी कंपोस्ट तैयार करने का मामला प्रश्नकाल के दौरान उठाया। इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने कृषि मंत्री से पूछ लिया कि एक किलो वर्मी कम्पोस्ट बनाने कितने किलो गोबर लगेगा?जवाब में मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, टोटल गोबर का 35 से 40% वर्मी कंपोस्ट तैयार होता है। कभी-कभी स्थितिओं के मुताबिक ये कम ज्यादा भी होता है। क्वालिटी की टेस्ट यूनिवर्सिटी से कराते हैं। एक्सपायरी डेट से संबंधित कोई अभी तय समय सीमा नहीं कहा जा सकता। अधिकारियों से कहूंगा कि धरमजीत सिंह को वहां जाकर गौठान दिखाएं।

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